Wednesday, 1 November 2017

CURRENT AFFAIRS 2 NOVEMBER 2017

Current Affairs- 2 November 2017
1.               केन्द्र सरकार नें सीमा सुरक्षा बल के विशेष महानिदेशक ए पी माहेश्वरी को पुलिस अनुसंधान  एवं विकास ब्युरो का महानिदेशक नियुक्त किया।
2.               भारतीय वायु सेना ( आई ए एफ) 2 नवंबर से युद्धाभ्यास- ब्लू फ्लैग -17 में लेगी हिस्सा।
--- इजराइल के साथ,
-------- इजराइल के उवादा वायुसैनिक अड्डे में 2 से 16 नवंबर तक चलेगा युद्धाभ्यास
3.               रक्षामंत्रालय नें सेना के लिए हेलीकाप्टर खरीद सौदे को मंजूरी दी।
कुल लागत- 21,738 करोड़,
16 हेलीकाप्टर तैयार हालत में खरीदे जायेंगे।
4.               आस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में 31 अक्टूबर को शुरू हुई राष्ट्रमंडल निशानेबाजी चैम्पियनशिप में भारत की हिना सिद्धू नें 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता ।
5.               उच्चतम न्यायालय ने दुर्घटना दावे के निर्धारण के मापदंड तय किये।
6.               एक अरब डालर की लागत से चीन बनायेगा डीएनए श्रृंखला का प्लेटफार्म
7.               31 अक्टूबर 2017 को एचडीएफसी बैंक नें नौ स्मार्टअप क्षेत्र खोले।
8.               सितंबर 2017 में साल दर साल (y-o-y) के आधार पर उद्योगो को दिया जाने वाला क्रेडिट 0.4 फीसदी की दर से घट गया है।
9.               एथलीटों की जरूरतों को पूरा करनें में खेल विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए  खेल मंत्रालय नें पांच संस्थानों में खेल विज्ञान केंद्र और खेल औषधि  विभाग कीस्थापना करेगा।
10.         राष्ट्रीय एकता दिवस- 31 अक्टूबर


UP PSC REVIEW OFFICER ASSISTANT REVIEW OFFICER - FULL SYLLABUS

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समीक्षा अधिकारी सहायक समीक्षा अधिकारी
पाठ्यक्रम एवं रणनीति
1.    उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग सहायक समीक्षा अधिकारी . समीक्षा अधिकारी के भरती के लिए प्री और मेन्स परीक्षा का आयोजन  करता है।
2.    प्रारम्भिक परीक्षा में दो प्रश्नपत्र होते हैं-
हिन्दी- 60 अंक
सामान्य अध्ययन – 140 अंक
कुल 200 अंक
3.    मुख्य परीक्षा मे तीन प्रश्नपत्र होते हैं-
·       प्रथम प्रश्नपत्र- सामान्य अध्ययन – 120 प्रश्न- 120 अंक – 2घंटे
·       दृवितीय प्रश्नपत्र-
·       हिन्दी – भाग1- लिखित- 100 प्रश्न -100 अंक- ढाई घंटे
·       हिन्दी भाग 2- बहुविकल्पीय- सामान्य शब्द परीक्षण- 60 प्रश्न- 60 अंक- आधा घंटा
·       पेपर तीन-
·        हिन्दी निबंध- 120 अंक- 3 निबंध- 3 घंटे
·       कुल पूर्णांक- 400
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आर एआरओ कट आफ 2014
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Monday, 9 October 2017

नोबेल पुरस्कार- 2017

नोबेल पुरस्कार 2017 

वर्ष 2017 में निम्नलिखित व्यक्तियों को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

2017 Nobel Prize Winner List-

महत्वपूर्ण विन्दु-

1. नोबेल पुरस्कार की शुरूआत अल्फ्रेड नोबेल ( स्वीडेन- डायनामाइट के आविष्कारक) के नाम पर 1895 में हुई।
2. प्रतिवर्ष 6 क्षेत्रों यथा- चिकित्सा, भौतिकी, रसायन, साहित्य,शांति और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में अहम योगदान देनें वाले व्यक्तियों या व्यक्ति समूहों को यह सम्मान दिया जाता है।
3. यह पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल के जन्मदिवस 10 दिसंबर को प्रतिवर्ष केवल जीवित व्यक्तियों को ही दिया जाता है।

4. नोबेल पुरस्कार में प्रतिवर्ष 8 मिलियन स्वीडिश क्राउन ( लगभग 6 करोडं रूपये) दिये जाते थेे, लेकिन इस वर्ष 2017 से यह पुरस्कार राशि बढ़ाकर 9 मिलियन स्वीडिश क्राउन ( 7 करोड़ रूपये लगभघग) कर दी गई है।

2017 में विभिन्न श्रेणियों में दिये गये पुरस्कारों की घोषणा -


1. चिकित्सा नोबेल पुरस्कार 2017- 
नोबेल फाउन्डेशन नें 2 अक्टूबर को इसकी घोषणा की। इस वर्ष तीन अमेरीकी वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से (जैफ्री सी हाल, माइकल रोसबास, तथा माइकल डब्ल्यू यंग)को दिया जायेगा। इनको मानव शरीर की आंतरिक जैविक घड़ी (बायोलाजिकल क्लाक) पर किये गये महात्वपूर्ण शोध के लिए नोबेल पुरस्कार प्रदान  किया जायेगा।

2. रसायन विज्ञान नोबेल पुरस्कार 2017-
4 अक्टूबर 2017 को रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की गई।इस वर्ष डैब ज्यूबचित, जोयेचम फ्रैंक और रिचर्ड हेंडरसन को संयुक्त रूप से यह पुरस्कार दिया जायेगा।तीनोॆ वैज्ञानिकों को बायोमालिक्यूल्स के साल्यूसन के उच्च संकल्प संरचना के निर्धारण के लिए क्रायोइलेक्ट्रान माइक्रोस्कोपी विकसित करनें को लेकर चुना गया है।
डैक्स डूयूबचित स्वीट्जर लैंड की यूनिवर्सिटी आफ लूसियाना में कार्यरत हैं।

3. भौतिकी का नोबेल पुरस्कार 2017-
रैनर बीस, कीप एस थ्रोन तथा बैरी सी बारिश को लिगो डिटेक्टर (लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल वेब आब्जर्वैटरी) में निर्णायक योगदान तथा गुरुत्वाकर्षण तरंगो की पहचान के लिए चुना गया है। इसकी घोषणा नौबेल फाउन्डेशन नें 2 अक्टूबर को की।

4. साहित्य का नोबेल पुरस्कार 2017- 
जापानी मूल के ब्रिटिश लेखक काजूओ इशिगुरो को यह पुरस्कार देनें की घोषणा 5 अक्टूबर को की गई।आठ किताब लिख चुके इशिगुरो की पुस्तक -"रीमेन्स आफ द डे" ने पूरी दुनियां में तहलका मचा दिया था। इस किताब के लिए उन्हें 1989 में बुकर अबार्ड से भी नवाजा गया । इस पर एक हालीबुड फिल्म -भी बन चुकी है।

5. शांति नोबेल पुरस्कार 2017- 
एंटी न्यूक्लियर अभियान चलानें वाली संस्था ICAN को यह सम्मान दिया गया है। (ICAN- INTERNATIONAL CAMPAIGN  TO ABOLISH NUCLEAR WEPONS- GENEVA )

6. अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार- 2017 
 नोबेल पुरस्कार 2017 के तहत सोमवार को अर्थशास्त्र के नोबेल का ऐलान कर दिया गया। इस बार यह पुरस्कार अमेरिकी अर्थशास्त्री रिचर्ड एच थेलर को मिला है। रिचर्ड को यह पुरस्कार बिहेवियरल इकोनॉमिक्स में उनके योगदान के लिए दिया गया है। सोमवार को रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज की ओर से इस बारे में ऐलान किया गया।
एकेडमी ने अपने बयान में कहा है,'नोबेल पुरस्कार के निणार्यक मंडल ने एक बयान में कहा कि थेलर का अध्ययन बताता है कि किस प्रकार सीमित तर्कसंगता, सामाजिक वरीयता और स्व-नियंत्रण की कमी जैसे मानवीय लक्षण किसी व्यक्ति के निर्णय को प्रक्रियागत तौर पर प्रभावित करते हैं और इससे बाजार के लक्षण पर भी प्रभाव पड़ता है।'

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Tuesday, 26 September 2017

हिन्दी - अलंकार

                                             अलंकार
         शरीर के शोभा अलंकार से बढ़ जाती है, और ऐसे ही काव्य की शोभा भी।

                                           'काव्यशोभाकरान धर्मानालंकरान प्रचकशेते'
अर्थात
                             काव्य की शोभा बढानें वाले धर्मों को अलंकार कहते हैं।

                                                               अलंकार के भेद:-

                                                                     1- शब्दालंकार
                                                                    2- अर्थालंकार

                                                                        शब्दालंकार:

                      जो अलंकार सिर्फ शब्दों के सुंदर प्रयोग से काव्य की शोभा बढ़ा दे।

भेद:
1. अनुप्रास
2. यमक
3. श्लेष

1. अनुप्रास अलंकार:-

जब एक वर्ण की बारंबारता हो वहां अनुप्रास अलंकार होता है।

जैसे: तरनि तनुजा तट तमाल तरुवर बहु छाए।

(नॉट: अनुप्रास अलंकार के 5 भेद माने जाते है, यथा - छेकानुप्रास, वृत्यनुप्रास, लाटानुप्रास, श्रुतयानुप्रास, और अन्त्यानुप्रास। लेकिन इस अध्याय में हम उनकी चर्चा नही करेंगे,क्योकि प्रायः परीक्षाओं में इन पर प्रश्न नगण्य होते हैं।)

2. यमक अलंकार:-

जब एक शब्द की बारंबारता हो और अर्थ अलग अलग हो वहां यमक अलंकार होता है।

दूसरे शब्दों में

जहां अर्थ की भिन्नता रखने वाले अक्षर समूह जिनमें स्वर और व्यंजन दोनो की समानता हो,बार बार आते है, यमक अलंकार होता है।

उदाहरण:

कनक कनक ते सौ गुना, मादकता अधिकाय।
वा खाये बौराय जग, या पाए बौराय।


3. श्लेष अलंकार:-

जहां एक शब्द एक ही बार आये लेकिन अर्थ अलग अलग हो।
उदाहरण:

चरन धरत चिंता करत, चितवत चारहु ओर।
सुबरन को खोजत फिरे, कवि,व्यभिचारी, चोर।।



अर्थालंकार:

जहां शब्दो के अर्थ काव्य में चमत्कार उत्पन्न कर काव्य की शोभा बढ़ा दें वहां अर्थालंकार होता है।

अर्थालंकार के भेद:

1. उपमा
2. रूपक
3. प्रतीप
4. अनंवय
5. भ्रांतिमान
6. संदेह
7. उत्प्रेक्षा अलंकार
8.दृष्टांत
9. अतिश्योक्ति अलंकार


अलंकार के महत्त्वपूर्ण अंग:-

उपमेय: जिसका वर्णन करना हो।
जैसे: राधा का मुख चन्द्रमा के समान है।
यहां राधा का मुख उपमेय है।

उपमान:-
वर्णनीय वस्तु की जिस वस्तु के साथ समानता दिखाई जाती है। उसे उपमान कहते हैं।
जैसे
ऊपर के उदाहरण में वरणीय मुख की समानता चंद्रमा से की गई । तो चन्द्रमा उपमान है।

साधारण धर्म: उपमेय और उपमान में दोनों में कॉमन जिस गुण के आधार पर तुलना की जाती है।

जैसे: उपर्युक्त में सुंदरता


वाचक शब्द: जिस शव्द के द्वारा उपमेय और उपमान की तुलना होती है।
जैसे: समान, सदृश, सौं, सम, तुल्य आदि।


उपमा अलंकार:
जहां रूप रंग गुण आदि किसी उभयनिष्ठ धर्म के कारण किसी वस्तु की किसी दूसरे श्रेष्ठ अथवा प्रशिद्ध वस्तु से तुलना की जाती है।
 उदाहरण

विदग्ध होके कण धूलि राशि का
तपे हुए लौह कणों समान था।

उपमेय: धूलिकण
उपमान: लौहकण
साधारण धर्म: विदग्धता
वाचक शब्द: समान



2. रूपक अलंकार:

जब उपमेय और उपमान को एक रूप में दिखा दिया जाए। दोनो में अभेद स्थापित हो जाये

उदाहरण

हैं शत्रु भी यो मग्न जिसके शौर्य पारावार में

यहां शौर्य और पारावार में भेद स्थापित किया गया है।

अनंवय अलंकार:

जब किसी वर्ण्य वस्तु को बहुत ही उत्कृष्ट दिखाना हो, तब यह सूचित करने के लिए की उसके समान कोउ अन्य है ही नही,उपमेय को उपमान बना दिया जाता है।

उदाहरण-
देखा नही हमनें तुम सा कहीं सुतीक्ष्ण प्रताप है।
हे देव इस संसार मे बस आपके सम ताप है।

प्रतीप अलंकार:-

प्रतीप=उल्टा

जहां उपमेय को उपमान और उपमान को उपमेय बना दिया जाय।

जैसे: उसी तपस्वी से लंबे थे
देवदार दो चार खड़े..

भ्रांतिमान अलंकार: जहां उपमेय में उपमान का भ्रम हो जाय

अर्थात:
बिल विचार कर नागशुण्ड में घुसने लगा विषैला सांप

काली ईख समझ विषधर को, उठा लिया तब गज ने आप




संदेह अलंकार

जहां ऐसा वर्णन हो कि उपमेय और उपमान दोनो में समता देख यह निश्चित नही हो पाता है कि उपमेय वास्तव में उपमेय है या उपमान है।

मद भरे ये नलिन नयन मलीन है
अल्प जल में या विकल लघु मीन है।

यहां उपमेय 'नयन' और उपमान 'मीन' है। परंतु यह निश्चित नही हो पा रहा कि ये नयन हैं अथवा मीन है।

उत्प्रेक्षा अलंकार:-

जब उपमेय में उपमान की संभावना की जाती है,तब वहां उत्प्रेक्षा लंकार आता है।

उस काल मारे क्रोध के तनु कांपने उसका लगा।
मानों हवा के वेग से सोता हुआ सागर जगा।

यहां उपमेय क्रोध में उपमान हवा के वेग की, तथा उपमेय तनु में उपमान सागर की संभावना की गई है।

दृष्टांत अलंकार

जहां उपमेय और उपमान संबंधी दो अलग अलग वाक्य हो, अर्थात एक वाक्य में जो बात कही गयी हो,उसी को पुष्ट करने के लिए कोई अधिकः सत्य इसी तरह की बात कह कर उससे समानता दिखाई गई हो,दोनो वाक्यों में तथा उनके साधारण धर्म का भाव साम्य दिखाया गया हो।
उदाहरण-

रहिमन असुआ नयन ढरि, जिय दुख प्रकट करेहि!
जाहि निकारो गेह ते,कस न भेद कहि देहि।।

पहले वाक्य में आंख से निकले आंसू के विषय मे कुछ कहा गया है, दूसरे वाक्य में घर से निकाले गए व्यक्ति के बारे में कहा गया है। दोनो वाक्य मिलते जुलते हैं। दोनो का साधारण धर्म 1- मन का दुख प्रकट करना, 2. भेद खोल देना अलग लग है,किंतु दोनो में समानता है। यहां सादृश्यमूलक किसी शब्द का प्रयोग नही हुआ है अतः दृतान्त अलंकार है




अतिशयोक्ति अलंकार:

जहां किसी व्यक्ति या वस्तु की अत्यधिक प्रशंशा के लिए बात को इतनी बढ़ चढ़ कर कही जाए कि लोक मर्यादा के बाहर हो जाय।

हनुमान की पूंछ में लगन न पाई आग
सारी लंका जल गई, चले निशाचर भाग

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